Mobile से सिम कार्ड निकालते ही बंद हो जाएंगे Whatsapp, Facebook, SnapChat

Mobile : मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए एक बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। जल्द ही WhatsApp, Facebook, Instagram, X (Twitter) समेत सभी प्रमुख सोशल मीडिया ऐप्स सिम कार्ड हटाते ही अपने-आप बंद हो जाएंगे। यह कदम बढ़ती साइबर धोखाधड़ी, फेक यूज़र्स और नंबर-मिसमैच मामलों को रोकने के लिए उठाया जा रहा है।
नई तकनीक के लागू होने के बाद, जैसे ही फोन से सिम निकाली जाएगी — सोशल मीडिया ऐप तुरंत ऑटो-लॉगआउट हो जाएगा और सिम दोबारा डालने तक ऐप का इस्तेमाल संभव नहीं होगा।

क्यों लागू किया जा रहा है नया नियम?
सरकार और दूरसंचार कंपनियों ने पाया है कि:
कई साइबर अपराधी एक ही फोन में अलग-अलग सिम डालकर नए अकाउंट बनाते हैं
चोरी हुए मोबाइलों का उपयोग फेक सोशल मीडिया अकाउंट चलाने में किया जा रहा है
बहुत से ऐप्स में लॉग-इन पुरानी सिम हटाने के बाद भी चालू रहता है
ऐसे मामलों को रोकने के लिए ऐप्स को अब मोबाइल नेटवर्क से जुड़े रियल-टाइम सिम वैरिफिकेशन सिस्टम से जोड़ने की तैयारी की गई है।
कैसे काम करेगा नया सिस्टम?
नई सुरक्षा व्यवस्था में ऐप इन कदमों को फॉलो करेगा:

फोन से सिम हटते ही फोन OS (Android/iOS) ऐप को एक सुरक्षा सिग्नल भेजेगा।
ऐप तुरंत:

ऑटो-लॉगआउट करेगा
मोबाइल नंबर को फिर से वेरीफाई करने की मांग करेगा
बिना सिम के
यदि यूज़र eSIM का उपयोग कर रहा है तब भी, eSIM हटाने/डिसेबल करने पर वही प्रक्रिया लागू होगी।
किस तरह की समस्याएँ अब खत्म होंगी?
इस सिस्टम के आ जाने के बाद इन तरह के जोखिम कम हो जाएंगे:
चोरी हुए फोन से सोशल मीडिया का दुरुपयोग
सिम बदलकर फर्जी अकाउंट बनाना
नंबर बदलने पर भी ऐप का चलते रहना
धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और साइबर अपराध
यूज़र्स के लिए क्या बदलेगा?
सिम बदलते ही आपको सभी सोशल मीडिया ऐप्स में दोबारा OTP से लॉग-इन करना होगा
नया नंबर जोड़ने पर ऐप तुरंत नया वेरिफिकेशन मांगेगा
फोन चोरी हो जाए, तो चोर ऐप्स का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा
सुरक्षा और प्राइवेसी काफी मजबूत होगी
सरकार का उद्देश्य क्या है?
डिजिटल इंडिया के तहत सरकार का मकसद है:
देश में फर्जी पहचान पर जारी सोशल मीडिया अकाउंट्स को कम करना
साइबर फ्रॉड को रोकना
डिजिटल पहचान को मोबाइल नंबर लिंकिंग के साथ सुरक्षित बनाना
कब से लागू होंगे नए नियम?
सूत्रों के अनुसार:
यह फीचर चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा
कई ऐप्स ने तकनीकी टेस्टिंग शुरू कर दी है
नियम 2025 के अंत तक सभी मुख्य सोशल मीडिया ऐप्स पर लागू हो सकते हैं
निष्कर्ष
सिम निकालते ही सोशल मीडिया ऐप्स का ऑटो-बंद होना साइबर सुरक्षा के लिए बेहद बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे फर्जी अकाउंट, धोखाधड़ी और चुराए गए मोबाइल के दुरुपयोग का खतरा काफी कम होगा।
यूजर अनुभव में थोड़ी असुविधा होगी, लेकिन सुरक्षा कई गुना बढ़ जाएगी।












